Home देश-दुनिया अदालत ने समीक्षा समिति को दिए कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स हैंडल को अनब्लॉक करने पर विचार के निर्देश

अदालत ने समीक्षा समिति को दिए कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स हैंडल को अनब्लॉक करने पर विचार के निर्देश

नई दिल्ली, 29 मई (ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने व्यंग्यात्मक डिजिटल मंच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘एक्स’ अकाउंट को फिलहाल ‘अनब्लॉक’ करने का आदेश देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया, लेकिन समीक्षा समिति को इस मामले पर विचार कर सात जुलाई से पहले फैसला लेने को कहा।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को समिति के समक्ष डिजिटल माध्यम से पेश होने की अनुमति दे दी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समिति इस बात पर सहमत होती है कि अनब्लॉक किया जाना चाहिए, तो वह कानूनी रूप से सीजेपी का ‘एक्स’ अकाउंट अनब्लॉक करने का आदेश दे सकती है।

सीजेपी के अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दीपके की याचिका पर केंद्र और ‘एक्स’ को नोटिस जारी करते हुए अदालत ने उनसे जवाब मांगा और मामले की अगली सुनवाई सात जुलाई को तय की।

अदालत ने कहा, ‘‘निर्देश दिया जाता है कि अगली सुनवाई से पहले समीक्षा समिति सभी पहलुओं की जांच करे और उसका फैसला रिकॉर्ड पर रखा जाए।’’

दीपके की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिबल ने कहा कि सीजेपी अकाउंट ‘‘महज व्यंग्य’’ था और अगर कुछ पोस्ट ‘‘आपत्तिजनक’’ थे तो सिर्फ उन्हें हटाया जाना चाहिए था न कि पूरे अकाउंट को।

अकाउंट को अंतरिम रूप से बहाल करने की अपील करते हुए दीपके के वकील ने न्यायाधीश से ‘‘ब्लॉक’’ संबंधी आदेश देखने का आग्रह किया। उनका कहना था कि आदेश की प्रति अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है।

न्यायमूर्ति कौरव ने कहा कि यह आदेश रिकॉर्ड पर नहीं है और केंद्र का जवाब आने के बाद ही याचिकाकर्ता के अनुरोध पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम विचार करेंगे। यह पूरा कानून (सोशल मीडिया अकाउंट को ‘ब्लॉक’ करने संबंधी) अभी शुरुआती चरण में है। आज जल्दबाजी न करें। उन्हें नोटिस लेने दें और हमारे पास वापस आने दें। जो भी सामग्री हो, मैं उन्हें रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दे सकता हूं।’’

साथ ही उन्होंने याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत समीक्षा समिति के सामने रखने का सुझाव दिया।

सिबल ने दलील दी कि अदालत पहले ‘‘ब्लॉक’’ किए गए कुछ अन्य सोशल मीडिया अकाउंट को राहत देते हुए केवल आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के आदेश दे चुकी है। इस पर अदालत ने कहा कि उन मामलों और इस मामले में ‘‘थोड़ा फर्क’’ लगता है।

अदालत ने मौखिक तौर पर कहा, ‘‘उन मामलों में बचाव यह था कि कुछ पोस्ट आपत्तिजनक पाए गए थे। इस मामले में ऐसा लगता है कि शायद पूरी गतिविधि ही थोड़ी आपत्तिजनक थी।’’

पूर्व में आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े दीपके ने 15 मई को एक वकील के वरिष्ठ पद से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की ‘‘कॉकरोच’’ और ‘‘परजीवी’’ टिप्पणियों पर विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की शुरुआत की।

हालांकि, 16 मई को प्रधान न्यायाधीश ने अपनी टिप्पणी को लेकर कड़े शब्दों में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि वह उन खबरों से ‘‘आहत’’ हैं, जिनमें यह संकेत दिया गया था कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की थी।

‘एक्स’ पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का मूल हैंडल 21 मई को भारत में ‘ब्लॉक’ कर दिया गया था। इसके बाद समूह ने ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से नए हैंडल के साथ वापसी की, जिसके वर्तमान में 2.27 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।

यह मुहिम अपने अनोखे प्रतीकों और डिजिटल अभियान की रणनीति के कारण व्यापक रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। समर्थकों ने ‘‘कॉकरोच’’ पहचान को विरोध के एक रूप में वर्णित किया है।

सोलह मई को शुरू हुई सीजेपी का दावा है कि उसका उद्देश्य युवाओं की आवाज को मजबूत करने और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए युवाओं द्वारा संचालित एक स्वतंत्र आंदोलन खड़ा करना है।

इसने हाल में शिक्षा क्षेत्र में कथित व्यवस्थागत विफलताओं और नीट-यूजी 2026 पेपर ‘‘लीक’’ को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक अभियान शुरू किया है।

 

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