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ब्रिटेन के व्यापार मंत्री भारत आने वाले ‘ग्रेट नॉर्थ’ प्रतिनिधिमंडल का करेंगे नेतृत्व

लंदन, 09 अक्टूबर (ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस)। ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने शुक्रवार को भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से उत्पन्न हुए आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए भारत आने वाले ‘ग्रेट नॉर्थ’ के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की योजना की घोषणा की।

रेनॉल्ड्स ने पिछले साल लंदन के हाइड पार्क में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) को अंतिम रूप दिया था। उन्होंने अगले सप्ताह होने वाले उत्तरी इंग्लैंड व्यापार मिशन को ‘‘एक उत्साहजनक पहल’’ बताया।

ब्रिटेन सरकार के विश्लेषण के अनुसार, सीईटीए से लंबे समय में उत्तरी इंग्लैंड की अर्थव्यवस्था को हर साल 45 करोड़ पाउंड का लाभ होने की उम्मीद है।

रेनॉल्ड्स ने कहा, ‘‘पिछले साल हाइड पार्क में मंत्री गोयल के साथ भारत से व्यापार समझौते पर सहमति बनाने से लेकर इस गर्मी में इसके लागू होने तक, उत्तरी इंग्लैंड के महापौरों और कारोबारियों का यह गठबंधन हमारी साझेदारी के अगले चरण में एक उत्साहजनक पहल है। हमारे अब तक के सबसे महत्वपूर्ण समझौते से आर्थिक अवसरों की भरमार है।’’

‘ग्रेट नॉर्थ’ कार्यक्रम में उत्तरी इंग्लैंड के विभिन्न हिस्सों से करीब 200 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें महापौर, कारोबारी, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा पर्यटन, संस्कृति और खेल जगत के दिग्गज शामिल हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को सामने लाना है।

इसका आयोजन 12 से 16 अक्टूबर तक किया जाएगा।

‘ग्रेट नॉर्थ’ के रणनीतिक एवं ज्ञान साझेदार यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (समूह) किशोर जयरमण ने कहा, ‘‘उत्तरी इंग्लैंड के कारोबारियों, स्थानीय निकायों के नेताओं, विश्वविद्यालयों और संस्थानों को एक साथ लाकर यह मिशन भरोसेमंद संबंध बनाने, संभावित साझेदारों और ग्राहकों से सीधे संपर्क करने तथा भारतीय बाजार में उपलब्ध अवसरों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा ध्यान मुक्त व्यापार समझौते से बनी गति को ठोस कारोबारी, निवेश और संस्थागत साझेदारियों में बदलने में उत्तरी इंग्लैंड की मदद करने पर है, ताकि ब्रिटेन और भारत दोनों को लंबे समय तक लाभ मिल सके।’’

अगले सप्ताह भारत आने वाला प्रतिनिधिमंडल उत्तरी इंग्लैंड के लिए एक मजबूत साझा अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने और पूरे क्षेत्र के समुदायों के लिए अधिक निवेश, व्यापार तथा पर्यटकों को आकर्षित करने के ‘ग्रेट नॉर्थ’ के प्रयासों का हिस्सा है।

यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और ब्रिटेन के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार करीब 4,800 करोड़ पाउंड का है। भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते से इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

 

 

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