टैगोर के पैतृक आवास पहुंचकर बहुत प्रभावित हुई: राष्ट्रपति
कोलकाता, 27 मार्च (ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रवींद्रनाथ टैगोर के उत्तरी कोलकाता में स्थित पैतृक आवास जोरासांको ठाकुरबाड़ी आकर वह बहुत प्रभावित हुई हैं।
रवींद्र भारती विश्वविद्यालय (आरबीयू) के रजिस्ट्रार सुबीर मोइत्रा ने कहा कि मुर्मू ने उन कमरों को देखा, जहां टैगोर का जन्म हुआ था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली और जहां उन्होंने अपना अधिकांश समय बिताया। उन्होंने सदियों पुरानी संरचना के संरक्षण पर आश्चर्य व्यक्त किया। रवींद्र भारती विश्वविद्यालय जोरासांको ठाकुरबाड़ी में स्थित है।
पश्चिम बंगाल की दो दिवसीय यात्रा पर आईं मुर्मू शहर में स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पैतृक आवास भी गईं और उन्हें श्रद्धांजलि दी। आरबीयू अधिकारियों ने टैगोर के चार प्रकाशन और उनकी एक तस्वीर भेंट की। राज्य के मंत्रियों ब्रात्य बसु और शशि पांजा ने राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के साथ आईं मुर्मू का जोरासांको ठाकुरबाड़ी में स्वागत किया।
बाद में, उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में लिखा, ‘जोरसांको ठाकुरबाड़ी आना मेरे लिए वास्तव में एक यादगार अनुभव है। यह प्रतिष्ठित टैगोर परिवार का प्रसिद्ध निवास स्थान है, जिसके कवि गुरु एक वैश्विक प्रतीक बन गए।’
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