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व्यापार - September 4, 2025

स्टॉक मार्केट में ओवल प्रोजेक्ट्स की सपाट एंट्री, मामूली फायदे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली, 04 सितंबर (ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस)। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, अर्बन डेवलपमेंट और एनर्जी सेक्टर्स में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम करने वाली कंपनी ओवल प्रोजेक्ट्स इंजीनियरिंग के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 85 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग सिर्फ 0.29 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 85.25 रुपये के स्तर पर हुई। हालांकि लिस्टिंग के बाद हुई मामूली लिवाली के कारण कंपनी के शेयरों के भाव में मामूली तेजी का रुख भी बना। सुबह 11 बजे तक कारोबार होने के बाद ओवल प्रोजेक्ट्स इंजीनियरिंग के शेयर 86 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।

ओवल प्रोजेक्ट्स इंजीनियरिंग का 46.47 करोड़ रुपये का आईपीओ 28 अगस्त से 1 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से भी फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.61 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें सिर्फ क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व पोर्शन ही पूरा भर सका था, जबकि दूसरे वर्गों में पूरा सब्सक्रिप्शन भी नहीं आ सका था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 6.21 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.82 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 0.83 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 54,99,200 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.40 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 9.33 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का राजस्व 27 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ कर 103.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी पर कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के आखिर में कंपनी का कर्ज 32.21 करोड़ रुपये, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में बढ़ कर 32.41 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर में कंपनी का कर्ज उछल कर 53.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

 

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