हिंद महासागर में अमेरिकी हमले से डूबा ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’, विशाखापत्तनम में ‘मिलान 2026’ अभ्यास से लौटते समय हुआ हमला, भारतीय समुद्री क्षेत्र में युद्ध की आहट
हैदराबाद, 05 मार्च (ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस)। ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’, जो हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास ‘मिलान 2026’ में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था, उसे अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में डुबो दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे ‘शांत मौत’ करार दिया। यह हमला उस समय हुआ जब ईरानी क्रू अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में खुद को सुरक्षित मानकर वापस जा रहा था। कुछ ही दिनों पहले भारतीय नौसेना ने इस युद्धपोत का औपचारिक स्वागत किया था और दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया था, लेकिन अब यह जहाज मलबे में तब्दील हो चुका है।
खाड़ी देशों से दूर हिंद महासागर के इस संवेदनशील क्षेत्र में हुए हमले ने अब युद्ध की गूंज को भारत के समुद्री इलाके तक खींच लिया है। यह हमला श्रीलंका के ‘सर्च और रेस्क्यू जोन’ में हुआ, जहाँ अब केवल तेल की परतें और युद्धपोत के अवशेष तैर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि एक टॉरपीडो के जरिए इस जहाज को निशाना बनाया गया। यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जिस जहाज को निशाना बनाया गया, वह कुछ समय पहले तक भारत सरकार का मेहमान था। इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और व्यापारिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारतीय नौसेना के ईस्टर्न नेवल कमांड ने 17 फरवरी को ही इस युद्धपोत के स्वागत की तस्वीरें साझा की थीं, लेकिन अब उसी मार्ग को एक ‘कब्रिस्तान’ में बदल दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत द्वारा आयोजित ‘मिलान’ जैसे शांतिपूर्ण अभ्यास में शामिल होने वाले जहाज पर इस तरह का हमला भारत के लिए एक बड़ा ‘रियलिटी चेक’ है। इससे भारत के आसपास के समुद्री ट्रांजिट रूट की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। फिलहाल, इलाके में तनाव चरम पर है और इस हमले के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी ड्रोन या मिसाइल हमलों की आशंका जताई जा रही है।
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