पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी एवं जांच संबंधी याचिका पर सुनवाई से न्यायालय का इनकार
नई दिल्ली, 07 अगस्त (ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस)। उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आवास पर आग लगने के बाद कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने और अदालत की निगरानी में जांच कराए जाने के अनुरोध संबंधी याचिका पर सुनवाई करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने अधिवक्ता घनश्याम उपाध्याय की याचिका खारिज कर दी। उपाध्याय ने दलील दी थी कि पद से इस्तीफा देने मात्र से आय के ज्ञात स्रोत से अधिक धन से जुड़ी आपराधिक जवाबदेही समाप्त नहीं हो जाती।
पीठ ने कहा कि इससे पहले भी इसी तरह की एक याचिका खारिज की जा चुकी है। उपाध्याय ने कहा कि पिछली याचिका इस तकनीकी आधार पर खारिज की गई थी कि कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी जबकि मौजूदा मामले में उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है।
न्यायमूर्ति नरसिम्हा ने उनसे कहा, ‘‘आप एक अधिवक्ता हैं। यह न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। यह सब सस्ती लोकप्रियता के लिए किया जा रहा है। हम इस पर सुनवाई के इच्छुक नहीं हैं। याचिका खारिज की जाती है।’’
उपाध्याय ने कहा कि याचिका पर सुनवाई नहीं करने का कोई कारण नहीं है क्योंकि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को लोक सेवक माना गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘अब वह सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। उन्हें अभियोजन से कोई छूट प्राप्त नहीं है।’’
हालांकि, शीर्ष अदालत ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए इसे खारिज कर दिया।
वर्मा ने नौ अप्रैल को इस्तीफा दे दिया था। वह भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पद से हटाए जाने संबंधी महाभियोग की कार्यवाही का सामना कर रहे थे। पिछले साल दिल्ली स्थित उनके आवास से नोटों की जली हुई गड्डियां कथित तौर पर बरामद हुई थीं।
वर्मा द्वारा अपना इस्तीफा सौंपे जाने के बाद उनके खिलाफ जारी महाभियोग की कार्यवाही निष्प्रभावी हो गई।
संसद द्वारा पद से हटाए जाने की प्रक्रिया को रोकने के लिए भ्रष्टाचार के आरोपी न्यायाधीश के पास एकमात्र विकल्प इस्तीफा देना ही बचा था। न्यायाधीश को पांच जनवरी, 2031 को सेवानिवृत्त होना था।
यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आवास में 14 मार्च, 2025 को होली की रात लगभग 11 बजकर 35 मिनट पर आग लगने के बाद भारी मात्रा में नकदी मिलने का दावा किया गया है। आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया।
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