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लेख - August 3, 2021

अगस्त माह में शेयरों में तेजी बने रहने की संभावना

-डॉ. हनुमन्त यादव-

-: ऐजेंसी अशोक एक्सप्रेस :-

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 321.92 अंक तेजी के साथ 52,850.76 के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 87.10 अंक की उछाल के साथ 15,850.15 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। अगस्त माह में सेंसेक्स और निफ्टी के मजबूती से जमकर आगे बढ़ने की संभावना है। विश्व के प्रमुख शेयर बाजारों पर एक नजर डालने से स्पष्ट नजर आता है कि ईरान और मिस्र सरीखे देशों को छोड़ दिया जाए तो विश्व के सभी शेयर बाजारों में इस समय तेजी चल रही है।

जून माह के अंतिम कारोबारी दिन बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 अग्रणी शेयरों का सूचकांक सेंसेक्स जो 52,600 के पार खुला था वह बड़े शेयरों की मुनाफा बिकवाली के कारण गिरावट के साथ 52,318 पर बंद हुआ था। उसी प्रकार नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 अग्रणी शेयरोंवाला सूचकांक निफ्टी भी लुढ़क कर 15,680 पर बंद हुआ था। दूसरी ओर चालू जुलाई माह के अंतिम कारोबार दिन 30 जुलाई को सेंसेक्स 52,586 बिंदु और निफ्टी 15,763. बिंदु पर बंद हुए। यदि माह के पहले कारोबारी दिन और अंतिम कारोबारी दिन के आंकड़ों की तुलना करें तो ऐसा लगता है कि माह भर में बाजार में बिना कोई खास चढ़ाव-उतार के सामान्य सौदे हुए है।

लेकिन वास्तविकता में जुलाई माह में बाजार में सौदों में बहुत उतार-चढ़ाव रहे थे। 20 जुलाई को जहां सेंसेक्स 52,190 बिंदु तक गिर गया था वहीं पर 15 और 16 जुलाई को 53,000 बिंदु पार कर सेंसेक्स 53,140 ंिबंदु तक चढ़ गया था। जुलाई के दूसरे और तीसरे सप्ताह में शेयरों की मांग बढ़ने के कारण बाजार में तेजी रहने के कारण सेंसेक्स भी 52,800 से 53,000 बिंदु के बीच रहा।

जुलाई 2021 माह में सेंसेक्स में सौदों की मात्रा और भाव देखते हुए महत्वपूर्ण दिनांकों का जिक्र करना जरूरी है। जुलाई माह में सेंसेक्स पहले चार दिनों की गिरावट के बाद 5 जुलाई को चढ़कर 52,796 पर बंद हुआ था । 7 जुलाई को बड़ी मात्रा में बड़े मूल्य पर सौदे होने के कारण सेंसेक्स 53,000 का कीर्तिमान बिंदु पार कर 53,059 बिंदु तक जा पहुंचा था किंतु अगले दो दिनों में सेंसेक्स पुनः गिरते हुए 9 जुलाई को गिरकर 52,386 बिंदु तक जा गिरा। निफ्टी 9 जुलाई को 15,689 पर बंद हुआ था। जुलाई के दूसरे सप्ताह में शेयरों की बड़ी मांग के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अच्छी स्थिति में रहे। सेंसेक्स 14 जुलाई को 52,819 बिंदु, 15 जुलाई को 53,154 बिंदु और 16 जुलाई को 53,140 बिंदु तक जा पहुंचा था। दूसरी ओर निफ्टी 16 जुलाई को बंद के समय 15,700 बिंदु पर था। तीसरे सप्ताह में 23 जुलाई को सेंसेक्स 52,975 बिंदु पर बंद हुआ था।

1 सितम्बर, 2013 से प्रसिद्ध वित्तीय व साख निर्धारण संस्थान स्टेंडर्ड एंड पुअर्स के निर्देेशन में सेंसेक्स को तैयार किए जाने के कारण आजकल इस बीएसई सूचकांक को एस एण्ड पी बीएसई सेंसेक्स कहा जाता है। बीएसई सेंसेक्स में शामिल शेयरों की कम्पनियों को दस वर्गों में बांटा गया है, ये वर्ग हैं- वित्तीय, सूचना प्रौद्योगिकी, बाजार में तेज गति से बिकने वाले उपभेाक्ता वस्तुएं, परिवहन साज-सामान, तेल व प्राकृतिक गैस, पूंजीगत वस्तुएं, हेल्थ केयर, धातु, व धातु पदार्थ, टेलीकॉम तथा ऊर्जा। सेंसेक्स भारित सूचकांक है, इसमें वित्तीय शेयरों को 32 प्रतिशत, सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों को 16 प्रतिशत, परिवहन साज-सामान को 11.5 प्रतिशत तथा बाजार में तेज गति से बिकने वाले उपभोक्ता वस्तुओं के शेयरों को 11 प्रतिशत भार दिया गया है। इस प्रकार चार वस्तु समूह को 70.5 प्रतिशत भार दिया गया है। इसलिए इन चार वर्ग के शेयरों से सेंसेक्स की दशा व दिशा प्रभावित होती है।

स्टैंडर्ड एंड पुअर्स द्वारा आजकल दो प्रकार के लगभग चार दर्जन सूचकांक तैयार किए जाते हैं। पहला, सूचकांक वर्ग और दूसरा वस्तुओं के वर्गवार सूचकांक। पहले वर्ग में 30 जुलाई को सूचकांक इस प्रकार थे- बीएसई 100 इंडेक्स 16,108, बीएसई 200 इंडेक्स 6878, बी.एसई मिडकैप इंडेक्स 23087, बी.एसई स्मालकैप इंडेक्स 26,786, बीएसई लार्ज मिडकैप इंडेक्स 6522, बीएसई मिड-स्माल कैप इंडेक्स 6208। सूचकांक का दूसरा वर्ग अलग-अलग उद्योगों के वर्ग आधार पर बनाया गया है। उदाहरण के लिए 28 जुलाई को सूचकांक मूल्य इस प्रकार थे- बीएसई बेसिक मटेरियल इंडेक्स 5767, बीएसई इनर्जी इंडेक्स 6466, सूचना प्रौद्योगिकी इंडेक्स 30,846, बीएसई मैन्यूफैक्चरिंग इंडेक्स 601, बीएसई इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स 241, बीएसई फायनेंस इंडेक्स 7784, बीएसई ऑटो इंडेक्स 22,401, बीएसई पावर इंडेक्स 2616, बीएसई मेटल इंडेक्स 21,011, बीएसई हेल्थ केयर इंडेक्स 26,156, बीएसई प्रायवेट बैंक इंडेक्स 13,358, बीएसई पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग इंडेक्स 7742, आदि।

30 जुलाई, 2021 को 23 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह की तुलना में सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में सामूहिक रूप से 96,642 करोड़ की गिरावट आई। 30 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में तीसरे सप्ताह की तुलना में सेंसेक्स 0.73 प्रतिशत नीचे आया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी बैंक, हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एचडीएफसी तथा कोटक महिन्द्रा बैंक के बाजार पूंजीकरण में गिरावट आई वहीं, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक तथा बजाज फायनेंस का बाजार पूंजीकरण बढ़ा पाया गया। 30 जुलाई को अधिक बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियां ये थींः रिलायंस इंडस्ट्रीज 12.90 लाख करोड़ रुपए, टीसीएस 11.71 लाख करोड़ रुपए एचएडएफसी बैंक 7.89 लाख करोड़ रुपए, इंफोसिस 6.86 लाख करोड़, रुपए , हिन्दुस्तान यूनिलीवर 5.48 लाख करोड़ रुपए, एचएडएफसी हाउसिंग फायनेंस 4.40 लाख करोड़ रुपए, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 3.85 लाख करोड़ रुपए, कोटक महिन्द्रा 3.28 लाख करोड़ रुपए , आईसीआईसीआई बैंक 4.72 लाख करोड़ रुपए, बजाज फायनेंस 3.75 लाख करोड़ रुपए , विप्रो 3.21 लाख करोड़ रुपए, भारती एअरटेल 3.08 .लाख करोड़ रुपए।

चालू वित्त वर्ष 2021-22 के पहले चार महीनों अप्रैल-जुलाई 2021 में शेयर बाजार के निवेशकों की पूंजी कुल मिलाकर 31.18 लाख करोड़ रुपए बढ़ी हैं तथा बीएसई का सेंसेक्स 3077 बंदु 6.21 प्रतिशत चढ़ा है। बाजार में सकारात्मक रूख के चलते 30 जुलाई 2021 को बाजार पूंजीकरण 2,35,48,748 करोड़ रुपए के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। जुलाई माह में झोमेटो का शेयर सूचीकरण बहुत दमदार रहा, इसका बाजार पंतीकरण 1 लाख करोड़ रुपए पार कर गया। अगस्त माह के पहले कारेाबारी दिन सोमवार 2 अगस्त को मुंबई के शेयर बाजार हरे निशान में खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 321.92 अंक तेजी के साथ 52,850.76 के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 87.10 अंक की उछाल के साथ 15,850.15 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।

अगस्त माह में सेंसेक्स और निफ्टी के मजबूती से जमकर आगे बढ़ने की संभावना है। विश्व के प्रमुख शेयर बाजारों पर एक नजर डालने से स्पष्ट नजर आता है कि ईरान और मिस्र सरीखे देशों को छोड़ दिया जाए तो विश्व के सभी शेयर बाजारों में इस समय तेजी चल रही है और इसके आगे भी बने रहने की संभावना है जो भारत के शेयर बाजारों पर भी लागू होती है। भारत में पिछले दो दशक की भांति रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टेसी सर्विसेज के सेंसेक्स में प्रथम और िद्वतीय स्थान पर जमे रहने की संभावना है।

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