Home अंतरराष्ट्रीय यूएई ने अबू धाबी को निशाना बनाने के लिए भेजी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया

यूएई ने अबू धाबी को निशाना बनाने के लिए भेजी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया

दुबई, 24 जनवरी (ऐजेंसी/अशोक एक्सप्रेस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने राजधानी अबू धाबी को निशाना बनाने के लिए हूती विद्रोही समूह द्वारा भेजी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को सोमवार तड़के बीच में ही रोक दिया और नष्ट कर दिया। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने बताया कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है। रोकी गईं और नष्ट की गईं बैलिस्टिक मिसाइलों के अवशेष अबू धाबी के आसपास अलग-अलग इलाकों में गिरे।

रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘‘वायु सुरक्षा प्रणाली ने हूती आतंकवादियों द्वारा सोमवार को देश की ओर दागी गईं, दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया और नष्ट कर दिया।’’

सरकारी संवाद समिति ‘डब्ल्यूएएम’ की एक खबर के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि यूएई किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए तैयार है और देश को सभी तरह के हमलों से बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। मंत्रालय ने जनता से केवल देश में आधिकारिक समाचार स्रोतों की जानकारी पर भरोसा करने का आह्वान किया है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा अबू धाबी में पेट्रोलियम डिपो और देश के प्रमुख हवाई अड्डे पर हमला करने के एक हफ्ते बाद यह हमला किया गया है।

संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में 17 जनवरी सुबह मुसाफ्फा आईसीएडी-3 क्षेत्र और अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नव निर्माण क्षेत्र को निशाना बनाया था। तीन पेट्रोलियम टैंकर में हुए विस्फोट में दो भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए थे।

संयुक्त अरब अमीरात ने यमन के हूती विद्रोहियों को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि निशाना बनाकर किए गए इस हमले के लिए बख्शा नहीं जाएगा।

यूएई के विदेश मंत्रालय तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, ‘‘यूएई के पास इन आतंकवादी हमलों और आपराधिक कृत्यों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है।’’ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अबू धाबी में हुए हमले की शुक्रवार को कड़ी निंदा की थी और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

इस 15 सदस्यीय परिषद ने एक बयान जारी करते हुए 17 जनवरी को अबू धाबी में और सऊदी अरब में अन्य स्थानों पर हुए हमले को ‘‘भयावह आतंकवादी हमला’’ करार दिया था।

बयान में कहा गया, ‘‘सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने हूती हमलों के पीड़ितों के परिवारों और भारत तथा पाकिस्तान की सरकारों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति एवं संवेदना व्यक्त की है और वे घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।’’ परिषद के सदस्यों ने दोहराया कि आतंकवाद अपने सभी रूपों में अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।

संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने 17 जनवरी के हमले के कुछ दिन बाद, खाड़ी देश में निजी ड्रोन और हल्के ‘स्पोर्ट्स’ विमानों के संचालन पर एक महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया। बयान के अनुसार, प्रतिबंध में हवाई एवं समुद्र स्थलों को भी शामिल किया गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। यूएई, यमन में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है, जो हूती विद्रोहियों का मुकाबला कर रहा है।

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