Home देश-दुनिया मोदी सरकार के दबाव में आने के आरोप पर ट्विटर का राहुल गांधी को जवाब- हम किसी के फॉलोअरों की संख्या नहीं घटाते

मोदी सरकार के दबाव में आने के आरोप पर ट्विटर का राहुल गांधी को जवाब- हम किसी के फॉलोअरों की संख्या नहीं घटाते

नई दिल्ली, 27 जनवरी (ऐजेंसी/अशोक एक्सप्रेस)। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्विटर ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में ट्विटर की नीतियों पर गौर करने की सलाह दे दी है। ट्विटर सीईओ पराग अग्रवाल को लिखी चिट्ठी के जवाब में कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि फॉलोअरों की संख्या सार्वजनिक होती है और ट्विटर इससे कोई छेड़छाड़ नहीं करता है। राहुल ने 27 दिसंबर को चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया था कि ट्विटर मोदी सरकार के दबाव में आकर उनके फॉलोअरों की संख्या बढ़ने नहीं दे रहा है। राहुल के इस आरोप का ट्विटर प्रवक्ता ने गुरुवार को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि किसी ट्विटर हैंडल के फॉलोअर्स की संख्या घटना-बढ़ना आम बात है। ट्विटर की तरफ से जारी बायान में कहा गया है, ‘किसी ट्विटर हैंडल के कितने फॉलोअर हैं, यह सबको दिखता है। हम सबको विश्वास दिलाना चाहते हैं कि संख्या सार्थक और सटीक हैं। ट्विटर किसी तरह की छेड़छाड़ और अवांछित गतिविधि बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता है। हम रणनीतिक तौर पर इसका सामना करते रहते हैं।’ राहुल ने ट्विटर को चिट्ठी लिखकर शिकायत की है कि उन्हें इस माइक्रोब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म पर नए फॉलोवर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने इसके लिए ट्विटर पर भारत सरकार का दबाव होने की बात कही। राहुल ने कहा कि अगस्त 2021 में उनका ट्विटर अकाउंट थोड़ी देर के लिए ब्लॉक हुआ था, तब से फॉलोअर्स के मामले में सारी गतिविधि जैसे थम सी गई है। राहुल गांधी ने ट्विटर सीईओ पराग अग्रवाल को लिखा, ‘यह सुनिश्चित करने की आपकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि ट्विटर भारत में तानाशाही को जड़ जमाने में सक्रिय मदद नहीं करे।’ केरल के वायनाड से कांग्रेस सासंद ने ट्विटर को अपनी शिकायत के समर्थन में जो डीटेल्स दिए, उनमें उन्होंने कहा कि हर महीने 2.3 लाख से भी ज्यादा की रफ्तार से नए-नए फॉलोअर उनसे जुड़ रहे थे जो किसी-किसी महीने में तो 6.5 लाख तक पहुंच गए थे। हालांकि, अगस्त 2021 से उनके नए फॉलोवर्स की संख्या बहुत ज्यादा गिर गई और वह सिर्फ 2,500 प्रति माह की दर पर आ गई है। इस तरह, उनके 1.95 करोड़ फॉलोअर्स की संख्या में इजाफा हो ही नहीं रहा है। इस पर ट्विटर प्रवक्ता नेकहा,’हमारा निरंतर प्रयास होता है कि हमारी साफ-सुथरी सेवा जारी रहे। इस क्रम में फॉलोअरों की संख्या घट-बढ़ सकती है क्योंकि हम हर हफ्ते लाखों-करोड़ों अकाउंट्स को हटाते रहते हैं जो हमारी नीतियों का उल्लंघ न करते हैं। आप इस संदर्भ में ट्विटर ट्रांसपेरेंसी सेंटर के ताजा अपडेट देख सकते हैं। कुछ हैंडल में मामूली अंतर दिखाई देता है जबकि कुछ मामलों में संख्या अधिक हो सकती है।’ ध्यान रहे कि पिछले वर्ष अगस्त महीने में राहुल गांधी ने एक बलात्कार पीड़िता के परिवार की तस्वीर ट्वीट कर दी थी जिसके बाद बीजेपी नेताओं ने ट्विटर से कार्रवाई करने की मांग की। तब ट्विटर ने माना कि राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया और उनका हैंडल करीब आठ दिनों के लिए लॉक कर दिया गया। बाद में जब अकाउंट को अनब्लॉक किया गया तो कांग्रेस पार्टी ने कहा कि तब से राहुल के ट्विटर हैंडल को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ट्विटर सीईओ से कहा कि पारंपरिक मीडिया पूरी तरह सरकार के कब्जे में है। ऐसे में सोशल मीडिया लोगों के मुद्दे उठाने और सरकार को जवाबदेह बनाने में ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने लिखा, ‘दुनियाभर में सोशल मीडिया मंचों पर उदारवादी लोकतंत्र और तानाशाही के बीच वैचारिक लड़ाई आकार ले रही है। इससे ट्विटर जैसी कंपनियों के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों पर बड़ी जिम्मेदारी तय होती है।’

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