Home अंतरराष्ट्रीय अमेरिका का रणनीतिक सहयोगी है भारत, कोविड-19 से लड़ने में उसे हमारी मदद की जरूरत: सांसद

अमेरिका का रणनीतिक सहयोगी है भारत, कोविड-19 से लड़ने में उसे हमारी मदद की जरूरत: सांसद

वाशिंगटन, 09 जून (ऐजेंसी/अशोक एक्सप्रेस)। अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन से भारत को अतिरिक्त टीके देने का अनुरोध करते हुए कहा कि भारत अमेरिका का एक रणनीतिक सहयोगी है और उसे कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई में देश की मदद की आवश्यकता है। सांसदों ने यह भी कहा कि मित्रों और सहयोगियों की मदद करते वक्त यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि अमेरिका की बौद्धिक संपदा और नवोन्मेष की रक्षा हो। कांग्रेस सदस्य ब्रैड वेनस्ट्रप ने कहा, ‘‘रणनीतिक सहयोगी भारत को कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई में हमारी मदद की जरूरत है। हमारे यहां टीकों की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति से हमें दुनियाभर के अपने साझेदारों की मदद करने का अवसर मिला है, जिन्हें मदद की सबसे ज्यादा जरूरत है।’’ रिपब्लिकन सांसद ने ट्वीट किया कि ‘ऑपरेशन वार्प स्पीड’ ने रिकॉर्ड समय में सुरक्षित तरीके से और प्रभावी टीके उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा, ‘‘हमें दुनियाभर के अपने जरूरतमंद मित्रों की मदद करते हुए अमेरिका के नवोन्मेष और बौद्धिक संपदा की भी सदा रक्षा करनी चाहिए।’’ राष्ट्रपति बाइडन ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि अमेरिका कोवैक्स के माध्यम से अपने भंडार में पड़े अप्रयुक्त कोविड-19 टीकों की पहली ढाई करोड़ खुराकों की खेप में से करीब 75 प्रतिशत यानी 1.9 करोड़ खुराकें आवंटित करेगा। कोवैक्स संयुक्त राष्ट्र समर्थित वैश्विक कार्यक्रम है जिसके तहत टीकों को कई देशों को साझा किया जाएगा। अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू के मुताबिक भारत अमेरिकी टीकों का ‘‘महत्त्वपूर्ण प्राप्तकर्ता” होगा क्योंकि भारत को आवंटन के लिए पहचाने गए वर्गों- पड़ोसियों एवं साझेदार देशों को सीधी आपूर्ति और कोवैक्स पहल के तहत आपूर्ति दोनों में रखा गया है। कांग्रेस सदस्य जिम कोस्टा ने कहा कि चूंकि भारत कोरोना वायरस संकट से लड़ रहा है तो यह महत्वपूर्ण है कि दोस्तों और अहम सहयोगियों की मदद के लिए उन्हें अतिरिक्त टीके दिए जाएं। डेमोक्रेटिक सांसद ने कहा कि स्थिति के सामान्य होने और इस क्रूर महामारी के खात्मे के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है। अमेरिका के कई कांग्रेस सदस्य और सीनेटर भारत के समर्थन में आए हैं और उन्होंने बाइडन प्रशासन से उसे सहयोग मुहैया कराने का अनुरोध किया है। यहां भारतीय दूतावास सांसदों से संपर्क कर उन्हें भारत में मौजूदा वास्तविकताओं से अवगत करा रहा है। अप्रैल और मई में, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के रोजाना 3,00,000 से अधिक मामले सामने आ रहे थे और देश कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर से संघर्ष करता दिख रहा था। अस्पतालों में चिकित्सीय ऑक्सीजन और बिस्तरों की कमी देखी गई थी। मई के मध्य तक आते-आते भारत में कोरोना वायरस के दैनिक मामले रिकॉर्ड 4,12,262 तक पहुंच गए थे। मंगलवार को, भारत में 63 दिन बाद संक्रमण के एक लाख से कम मामले सामने आए जबकि संक्रमण दर घटकर 4.62 प्रतिशत हो गई।

 

 

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