अमेरिका-ईरान युद्ध के 25वें दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों पर लगाई 5 दिन की रोक, तेहरान ने वार्ता के दावों को नकारा, मध्य पूर्व में अब भी बना हुआ है भारी तनाव
वॉशिंगटन/तेहरान, 24 मार्च (ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस)। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ का आज 25वां दिन है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए ईरान के ऊर्जा ठिकानों और पावर प्लांट्स पर होने वाले हमलों को अगले 5 दिनों के लिए टालने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में ईरानी नेतृत्व के साथ “अत्यंत सकारात्मक और उत्पादक” बातचीत हुई है, जिसमें ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने और मौजूदा गतिरोध को सुलझाने पर सहमति जताई है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अवसर का लाभ उठाकर ईरान क्षेत्र में शांति की ओर कदम बढ़ाएगा, हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका अपनी और अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
एक ओर जहाँ राष्ट्रपति ट्रंप शांति वार्ता का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान ने इसे पूरी तरह से ‘फेक न्यूज’ करार दिया है। ईरान की संसद (मजलिस) के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कड़े शब्दों में ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि वाशिंगटन के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन वैश्विक तेल और वित्तीय बाजारों में हेरफेर करने के लिए इस तरह के भ्रामक बयान दे रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया कि उन्हें कुछ मित्र देशों से वार्ता के संदेश जरूर मिले हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत नहीं चल रही है। तेहरान ने साफ किया है कि जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।
युद्ध के 25वें दिन भी जमीनी हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों ने ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार और उसकी नौसेना को लगभग तबाह कर दिया है, जिससे तेहरान समझौते के लिए मजबूर हुआ है। हालांकि, इजराइल के साथ चल रहे सीमा विवाद और हिजबुल्लाह की सक्रियता के कारण पश्चिम एशिया में युद्ध की आग अब भी धधक रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि 5 दिनों का यह ‘पॉज’ केवल एक रणनीतिक चाल हो सकती है ताकि आगामी 27 मार्च की समय सीमा से पहले ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके। फिलहाल, वैश्विक बाजार इस अनिश्चितता के बीच अस्थिर बने हुए हैं और पूरी दुनिया की नजरें अब अगले 120 घंटों के घटनाक्रम पर टिकी हैं।
प्रकाश उइके बने भारतीय आदिमजाति सेवक संघ के नए अध्यक्ष
*आदिवासियों के लिए बनाएंगे लीगल सेल आदिवासियों में जागी एक नई उम्मीद दिल्ली | ( सहिल गौड़ …








