Home देश-दुनिया मध्यप्रदेश में ‘वैक्सीनेशन महाअभियान टू’ प्रारंभ, पहले दिन 20 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य

मध्यप्रदेश में ‘वैक्सीनेशन महाअभियान टू’ प्रारंभ, पहले दिन 20 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य

भोपाल, 25 अगस्त (ऐजेंसी/अशोक एक्सप्रेस)। सवा सात करोड़ की आबादी वाले मध्यप्रदेश में आज दो दिवसीय कोरोना ‘वैक्सीनेशन महाअभियान टू’ प्रारंभ हो गया। इस दौरान आज कम से कम 20 लाख नागरिकों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान यहां टीन शेड जैन मंदिर परिसर में बनाए गए वैक्सीन केंद्र में पहुंचकर औपचारिक शुरूआत करेंगे। हालाकि भोपाल समेत सभी 52 जिलों में सुबह से ही वैक्सीन केंद्रों पर पहुंचने वाले नागरिकों को वैक्सीन का डोज देना प्रारंभ कर दिया गया है। वैक्सीनेशन महाअभियान के लिए राज्य में लगभग 8000 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं।

देश के साथ ही राज्य में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच सरकार ने सभी नागरिकों से कोरोना का वैक्सीन लगवाने का आग्रह किया है। सरकार ने ऐसे नागरिकों से भी वैक्सीन लगवाने के लिए कहा है, जिन्होंने पहला डोज लगवा लिया है, लेकिन दूसरा डोज अब तक नहीं लिया है। इसके लिए व्यापक प्रचार प्रसार और जागरुकता अभियान की मदद भी ली जा रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कोरोना के खिलाफ सबसे प्रभावी अस्त्र कोरोना वैक्सीन ही है। सूत्रों ने कहा कि 25 और 26 अगस्त को प्रांतव्यापी टीकाकरण महाअभियान-2 के तहत पहले दिन 18 वर्ष से अधिक आयु के 20 लाख पात्र लोगों को कोविड वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पहले 21 जून को वैक्सीनेशन महाअभियान वन के तहत एक दिन में 17 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगायी गयी थी।

राज्य में अब तक 4 करोड़ 2 लाख से अधिक वैक्सीन डोज नागरिकों को लगायी जा चुकी हैं। राज्य में 18 वर्ष से अधिक आयु के 5 करोड़ 49 लाख व्यक्तियों को कोरोना टीका लगाने का लक्ष्य है। अब तक 3 करोड़ 35 लाख को पहली डोज और 66 लाख को दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं। अब ऐसे लोगों को खोजकर टीके लगवाना है, जिन्होंने टीके नहीं लगवाये हैं। लोगों को जागरूक और प्रेरित करने के लिये महाअभियान-2 में एक लाख से अधिक स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं की व्यवस्था की गई है। ग्रामों में परम्परागत ढंग से डोंडी पिटवाने के अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से और घर-घर जाकर टीका लगवाने का संदेश दिया गया है।

सूत्रों ने चिकित्सा विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि जिन नागरिकों को कोविड- 19 टीके का प्रथम डोज लग चुका था, उनकी एंटीबॉडी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) लगभग 40-60 प्रतिशत एवं जिनको दोनों डोज लग चुके हैं, उनकी एंटीबॉडी 93 प्रतिशत के साथ अधिक मजबूत होना पाई गई है। विश्लेषित आँकड़ों के अनुसार कोविड-19 के पूर्ण टीकाकरण अर्थात दोनों डोज के बाद नागरिकों में अस्पताल में भर्ती होने की दर में 95 प्रतिशत तथा संभावित मृत्यु दर में 98 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

वर्तमान में देश में शासकीय स्तर पर दो टीके दिये जा रहे हैं। पहला- कोवैक्सीन, जिसमें प्रथम डोज के बाद 28-42 दिन के अंतराल पर द्वितीय डोज तथा दूसरा- कोविशील्ड, जिसमें प्रथम डोज के बाद 84-112 दिन के अंतराल पर द्वितीय डोज दी जा सकती है। सरकारी आकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश अब तक की स्थिति में कोविड-19 के टीकाकरण में देश में कई प्रदेशों से आगे बना हुआ है। प्रदेश में इस वर्ष 16 जनवरी से संचालित कोविड-19 टीकाकरण अभियान में प्रदेश में 18 से अधिक आयुवर्ग के लक्षित 5.49 करोड़ नागरिकों के विरुद्ध 23 अगस्त तक 3.35 करोड़ कोविड-19 प्रथम डोज (61 प्रतिशत) 65.93 लाख कोविड-19 द्वितीय डोज (12 प्रतिशत) लगे हैं। हेल्थकेयर वर्कर्स 8.93 लाख, फ्रंटलाईन वर्कर्स 9.50 लाख, 18 से 45 वर्ष के 2.11 करोड़ नागरिक, 45 से 60 वर्ष के 1.11 करोड़ नागरिक, 60 से अधिक आयु के 66.88 लाख नागरिकों का कोविड-19 टीकाकरण किया जा चुका है। राज्य के सभी मंत्री, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति भी इस महाअभियान में सुनिश्चित की गयी है। सरकार का प्रयास है कि सितंबर अक्टूबर माह तक सभी पात्र नागरिकों को कोरोना वैक्सीन का डोज लगा दिया जाए।

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