Home देश-दुनिया वर्षों तक राज करने वालों ने छोटे किसानों को भुला दिया: मोदी का कांग्रेस पर तंज

वर्षों तक राज करने वालों ने छोटे किसानों को भुला दिया: मोदी का कांग्रेस पर तंज

नई दिल्ली, 07 फरवरी (ऐजेंसी/अशोक एक्सप्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की प्रगति के लिए छोटे किसानों को सशक्त बनाने की जरूरत रेखांकित करते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि देश पर वर्षों तक राज करने वाले एवं महल जैसे घरों में रहने वाले लोग छोटे किसानों के कल्याण की बात करना भूल गए।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का लोकसभा में जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘आज विश्व के अर्थजगत के सभी ज्ञाता इस बात को मानते हैं कि भारत ने जिन आर्थिक नीतियों को लेकर इस कोरोना काल में अपने आप को आगे बढ़ाया है, वह दुनिया के लिए अपने आप में एक उदाहरण है।’’

विपक्ष पर खासकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ इतने वर्षों तक देश पर राज करने वाले और महल जैसे घरों में रहने के आदी लोग, छोटे किसानों के कल्याण की बात करना भूल गए हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति के लिए छोटे किसान को सशक्त बनाना जरूरी है और छोटा किसान ही भारत की तरक्की को मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री ने सवाल किया, ‘‘छोटे किसानों के प्रति आपको इतनी नफरत क्यो हैं जो आप उनके लिए रोड़े अटकाते रहते हैं।’’

कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि सैकड़ों वर्षों की गुलामी की जो मानसिकता है, उसे आजादी के 75 साल के बाद भी कुछ लोग बदल नहीं पाए।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह गुलामी की मानसिकता किसी भी राष्ट्र की प्रगति के लिए बहुत बड़ा संकट होती है।’’

मोदी ने कहा कि आपके (विपक्ष के) लिए ‘फाइल’ सब कुछ है और आप ‘फाइलों’ में लगे रहे, लेकिन हम 130 करोड़ देशवासियों की ‘लाइफ’ (जीवन) बदलने के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अगर गरीबी से मुक्ति चाहिए तो हमें छोटे किसानों को मजबूत बनाना होगा और छोटा किसान मजबूत होगा तो छोटी जमीन पर भी आधुनिक तरीके से काम करने की कोशिश करेगा।’’

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पिछले दिनों लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सदस्यों ने विवादित केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लिये जाने एवं किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा था।

कुछ ही महीने पहले सरकार ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लिया था और इसके लिए संसद में विधेयक पारित किया गया था। इससे पहले इन विवादित कानूनों के विरोध में एक साल से अधिक समय तक किसानों ने आंदोलन किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने गरीब श्रमिकों के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत हजारों लाभार्थियों के खातों में हमने सीधे पैसे हस्तांतरित किये।’’

उद्यमिता विकास की योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले हमारे देश में सिर्फ 500 स्टार्ट-अप थे, लेकिन पिछले 7 साल में देश में 60 हजार से अधिक स्टार्ट-अप काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे युवाओं की ताकत को दर्शाता है।

मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को देश के नौजवानों को, देश के उद्यमियों को, देश के धन सृजनकर्ता को डराने और भयभीत करने में आनंद आता है, लेकिन देश का नौजवान उनकी बातें सुन नहीं रहा है, इसीलिए देश आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘बहुत कम समय में हम यूनिकॉर्न शतक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। स्टार्टअप-यूनिकॉर्न के मामले में हम दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।’’

मोदी ने कहा कि दूसरों पर निर्भर होकर इस देश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते।

कुछ विपक्षी दलों द्वारा ‘मेक इन इंडिया’ की आलोचना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्होंने 50 वर्षों तक देश में सरकारें चलाई, ‘मेक इन इंडिया’ को लेकर उनका क्या रवैया था? इसे सिर्फ रक्षा क्षेत्र को देखकर समझ सकते हैं कि वे क्या करते थे, कैसे करते थे, क्यों करते थे और किसके लिए करते थे।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि रक्षा सौदों में कितनी बड़ी ताकतें अच्छे-अच्छों को खरीद लेती थीं। ऐसी ताकतों को मोदी ने चुनौती दी है। इसलिए मोदी पर उनका गुस्सा होना भी स्वाभाविक है और ये गुस्सा समय-समय पर प्रकट भी होता रहता है।’’

उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना राष्ट्रसेवा का बहुत बड़ा काम है।

मोदी ने कहा, ‘‘ मैं देश के नौजवानों से भी आह्वान करता हूं कि आप अपने कॅरियर में इस क्षेत्र को चुनिये, हम ताकत के साथ खड़े होंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट में भी प्रावधान किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा रक्षा उपकरण भारत में ही बनाए जाएंगे, भारतीय कंपनियों से ही खरीदे जाएंगे और रक्षा उपकरणों को बाहर से लाने के रास्ते बंद करने की दिशा में हम कदम बढ़ाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सेनाओं की जरूरतों को पूरी करने के अलावा हम एक बड़ा रक्षा निर्यातक बनने का सपना लेकर चल रहे हैं। मुझे विश्वास है कि यह संकल्प भी पूरा होगा।’’

 

 

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