निर्भया फंड से नेशनल हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे
-सनत जैन-
-: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :-
निर्भया फंड महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया था। इस फंड का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा था। इस फंड से अब नेशनल हाईवे में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए इस राशि का उपयोग किया जाएगा। निर्भया फंड का यदि इस तरह से उपयोग होगा तो महिला सुरक्षा को लेकर जो सोचा गया था वह संभव नहीं होगा। सरकार फंड एकत्रित करने के लिए तरह-तरह से तरीके इजाद करती है। फिर उसका इस्तेमाल मनमाने तरीके से करती है। जिसके कारण जो उद्देश होते हैं वह विफल होकर रह जाते हैं। इस प्रवृत्ति को कठोरता से रोकने की जरूरत है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा सड़कों पर टोल बैरियर लगाकर टोल टैक्स वसूल किया जा रहा है। हर साल टोल टैक्स में रेट बढ़ा दिए जाते हैं। वाहन चालकों से जजिया कर की तरह टेक्स की वसूली करोड़ों रुपये रोज की जा रही है। टोल बेरियर इस तरीके से बनाए जाते हैं कुछ ही किलोमीटर वाहन वह उस रोड पर चलता है और उसे 2 रोड का टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। प्रति किलोमीटर 2 से 3 रुपया टोल टैक्स वाहन चालकों को चुकाने पड़ रहे हैं। पर टोल टैक्स के माध्यम से वाहन चालकों से वसूल की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कों पर कैमरे और लाइट लगाने का काम भी उसी राशि से होना चाहिए।
निर्भया फंड का उपयोग किस तरह से हो इस पर राष्ट्रीय स्तर पर कोई नीति तैयार नहीं की गई है। फंड होते हुए भी महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस फंड का उपयोग पुलिस पहले ही अपने आधुनिकीकरण के लिए कर रही हैं। अब इस फंड से राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह महिलाओं की सुरक्षा के प्रति एक तरह से अन्याय है। सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बार-बार जो घड़ियाली आंसू बहाए जाते हैं यह उसका प्रमाणीकरण ही होगा।
संसद की स्थाई समिति केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और गृह मंत्रालय द्वारा निर्भया फंड की राशि का सही जगह उपयोग हो इसको सुनिश्चित करना जरूरी है। सरकार तरह-तरह से टैक्स लगाकर और राजस्व बढ़ाने के लिए बार-बार नए-नए फंड तैयार करती हैं। उनके लिए अलग-अलग उद्देश्य बताए जाते हैं। निर्भिया फंड के होते हुए भी महिलाओं के साथ बलात्कार एवं छेड़छाड़ की घटनायें लगातार बढ़ रही हैं। अब तो बालात्कार के साथ हत्या जैसी घटनायें होने लगी हैं। शहरों में तेजाब एवं छेड़छाड़ की घटनायें भी बढ़ती जा रही हैं। निर्भया फंड का उपयोग महिलाओं की सुरक्षा के लिये होता तो यह बेहतर होता। बड़ा आश्चर्य है कि संसद की स्थायी समिति ने राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की अनुमति निर्भया फंड से दी है। इस तरह के फंड का उपयोग उन कार्यों में नहीं किया जाता है जिसके लिए यह फंड बनाया गया था। सरकार जनप्रतिनिधि और सुरक्षा एजेंसियों तथा संसद की स्थायी समिति को इस दिशा में ध्यान देने की जरूरत है। निर्भया फंड का सदुपयोग हो महिलाओं की सुरक्षा बेहतर हो उनकी जान-माल की रक्षा हो सके इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
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