लेख
संविधान के मूल ढाँचे की व्यर्थ बहस
-शंकर शरण- -: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- डॉ. अंबेदकर ने कहा था: ‘‘राज्य के विभिन्न निकायों के काम सुचारू रूप से चलाने के लिए संविधान एक औजार मात्र है। यह औजार इस काम के लिए नहीं कि कुछ खास सदस्य या खास दल ही सत्ता में बिठाए जाएं। राज्य की क्या…
Read More »दक्षिण एशियाई देशों की आर्थिक बदहालीः कुछ साझा कारक
-राम पुनियानी- -: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- इन दिनों पाकिस्तान भयावह आर्थिक संकट से गुजर रहा है गेहूं का आटा 150 पाकिस्तानी रूपये (पीकेआर) प्रति किलो है. एक रोटी की कीमत 30 रूपये है. और यह एक ऐसे देश में जहां औसत दैनिक आय 500 रूपये है और एक औसत परिवार…
Read More »शरीफः प्रधानमंत्री या प्रधानभिक्षु?
-डॉ. वेदप्रताप वैदिक- -: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आजकल प्रधानमंत्री कम, प्रधानभिक्षु बनकर देश-विदेश के चक्कर लगा रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्हें सउदी अरब जाकर अपना भिक्षा-पात्र फैलाना पड़ा। तीन-चार दिन पहले वे अबू धाबी और दुबई आए हुए थे। संयोग की बात है कि…
Read More »राजस्थान में माहौल तो कांग्रेस के अनुकूल है, बस पार्टी आपसी झगड़ा खत्म कर ले तो दोबारा जीत तय है
-रमेश सर्राफ धमोरा- -: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- राजस्थान में दिसंबर महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी पूरी तरह चुनावी मूड में लग रही है। प्रदेश में 18 दिनों तक चली राहुल गांधी की भारत जोड़ो पदयात्रा के बाद कांग्रेस संगठन भी सक्रिय हो गया है। कांग्रेस…
Read More »विदेशी विश्वविद्यालयों की सार्थकता
-डा. वरिंदर भाटिया- -: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए भारत में परिसर स्थापित करने की दिशा में कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसके लिए नियम जारी किए हैं। विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए यूजीसी से मंजूरी लेनी होगी, वहीं उन्हें…
Read More »वर्ष 2023 में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर सकता है
-प्रहलाद सबनानी- -: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- अभी हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक फण्ड (आईएमएफ) ने बताया है कि वर्ष 2023 में वैश्विक स्तर पर विशेष रूप से चीन अमेरिका एवं यूरोपीयन यूनियन से प्राप्त हो रहे आर्थिक क्षेत्र से सम्बंधित संकेतों के अनुसार इन देशों सहित विश्व की एक तिहाई…
Read More »आरक्षण पर उ.प्र. सरकार सुप्रीम कोर्ट में
-सनत जैन- -: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- राज्य सरकारें और केंद्र सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए कुछ इस तरीके के निर्णय लेते है। जो विवादों में आ जाएं सरकार जो चाहती है वह अदालत के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से हासिल कर लिया जाए। पिछले कुछ वर्षों से चुनाव टालने…
Read More »नेताओं की बदजुबानी कैसे रूके?
-डॉ. वेदप्रताप वैदिक- -: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- सर्वोच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुनाया है कि कोई मंत्री यदि आपत्तिजनक बयान दे दे तो क्या उसके लिए उसकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है? यह मुद्दा इसलिए उठा था कि आजम खान नामक उ.प्र. के मंत्री ने…
Read More »दिल्ली में दरिंदे भी!
-: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- बेशक दिल्ली भारत की राष्ट्रीय राजधानी है, लेकिन उसका आपराधिक चरित्र और भी बर्बर, निर्मम, जघन्य और जंगली होता जा रहा है। औसतन प्रत्येक 4 मिनट में महिला किसी-न-किसी अपराध की शिकार होती है। दिल्ली को अब ‘अपराध का शहर’ करार दिया जा सकता है, जहां…
Read More »कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर भारी पड़ा शिव-राज का आत्मविश्वास
-कृष्णमोहन झा- -: ऐजेंसी/अशोका एक्स्प्रेस :- मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शिवराज सरकार के विरुद्ध प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव का जो हश्र हुआ उस पर कोई आश्चर्य व्यक्त नहीं किया जा सकता। कांग्रेस को भी यह भलीभांति मालूम था कि प्रदेश की लोकप्रिय सरकार के…
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